Tuesday, April 26, 2011

एहसास........

तन्हाईयों  के पल भी, कितने उदास होते हैं !
बस टूट कर बिखर जाने  को, बेताब होते हैं !!

सब कुछ सूना - सूना सा लगता है,
जब वो नहीं हमारे, पास होते हैं !

दिल को दर्द, पर दर्द को जुबां नहीं होती,
खुदा के बन्दे भी, कितने लाचार होते हैं !


हाथो  की लकीरों में, ढूँढ़ते हैं अपना ताजमहल,
इश्क करने वाले भी, कितने नादान होते हैं !!

डर सा लगता है अनजान पलों की आहट से,
दिलो के रास्ते जब, बहुत सुनसान होते हैं !!

उसे   पाने के  जूनून में, बस फना होना है,
दिलवालों  के भी, अजब  जज़्बात होते हैं !!  


 दुनिया बदलने की जिद छोड़ दे मेरे दोस्त,
तुझे पता है,सरफरोशों के क्या अंजाम होते हैं !!


उम्मीद के साये में, पलती जाती हैं साँसें,
इनके जीने के भी, अलग अंदाज़ होते हैं !!


हर लम्हा ज़िंदगी का, खूबसूरत एहसास  है यारों ,
जी लो जीभर के इन्हें, जब तक ये साथ होते हैं !!

बदल गयी है हवा, दुनिया की अशोक ,
करते हैं जो नेकी, वही बदनाम होते हैं !! 

4 comments:

  1. Rombo nalla irkeu..... keep it up.....

    ReplyDelete
  2. It's really nice......Keep it up.

    ReplyDelete
  3. वाह अशोक ! आप तो एक छुपा रुस्तम निकले ,कितने खूबसूरत है आपके एहसास...हम खुश हुए ,इतना अच्छा लिखते हो फिर भी सामने नहीं आते ,तुम भी कमाल हो यार .......

    ReplyDelete