' जीवन में फिर ये नव वर्ष.. '
बिखरे तिनके फिर बटोर कर,
नीड का फिर निर्माण करें ।
प्राण फूंक इन हौसलों में हम,
इरादों को फौलाद करें ।।
आह्वान यही है लेकर आया,
जीवन में फिर ये नव वर्ष ।।
भूल कर कडवाहट सारी,
रिश्तों में फिर नई जान भरें ।
पल दो पल का साथ हमारा,
क्यों न इसको यादगार करें ।।
समेट कर इन सब पल छिन को,
जीवन को दें हम नव-उत्कर्ष ।।
कभी हैं खुशियाँ, कभी हैं आंसू,
जिंदगी के हैं, रंग निराले ।
नियति, सब ये है खेल खिलाती,
कुछ नही है बस में आज हमारे ।।
इम्तिहान चाहे जो ले लो,
हैं, हर पल हम तैयार सहर्ष ।।
जीवन में फिर ये नव वर्ष…
' पोइला बोइशाख ' और ' विशु' की हार्दिक शुभकामनाएं..💐
Emotional composition...
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