रात और दिन का ये सफ़र
चलता था, चलता रहेगा |
बेखुदी
में ये दिल जलता था, जलता रहेगा ||
तनहाई की वादियों में,
घुटता है दिल,
यादों के सहारे है,
ज़िंदा हर एक पल |
क्या फिर हुआ है खून
सपनो का,
दिल इस खौफ से डरता
था,डरता रहेगा ||
दुनिया के शोर में
ढूंढता हूँ खामोशियां |
जहां मिले सुकून,कहाँ
गयीं वो बस्तियां ||
हुए गुमशुदा सब, पलते
जो ख्व्वाब थे,
दिल उनकी तलाश में
भटकता था, भटकता रहेगा ||
आखिर जीत होगी अपनी,
कभी ये विश्वास था |
खिलेगे फूल गुलशन में,
कभी ये अरमान था ||
खुदा से अपने, दुआएं
थी कभी माँगी
उसके इंतज़ार में तड़पता
था दिल, तड़पता रहेगा ||
रात और दिन का ये सफ़र
चलता था, चलता रहेगा |
बेखुदी
में ये दिल जलता था, जलता रहेगा ||
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