इस ज़िंदगी की भी क्या अजब कहानी है ।
दिल में दर्द और आँखों
में सिर्फ पानी है ।।
अपने प्यार को
हम खुदा मान बैठे,
लोग हँसते गए
कि ये कैसी नादानी है ।।
मर कर भी
मुझसे कभी जुदा न होगी,
दी उसने जो,
प्यार की निशानी है ।।
दबे पाँव आती
है वो अपना फरमान लेकर
सिकंदर भी
हारा उससे, जो मौत अनजानी
है ।।
उसके हर
सितम,मेरे नसीब के उजाले हैं,
इश्क में मिली
हर चीज़,खुदा की
मेहरबानी है।।
धड़का न जिसका दिल कभी किसी के लिए,
यारों, समझो बेकार वो जवानी है ||
हो नाम
तेरे,मेरे हिस्से की सारी खुशियाँ
उठे
हाथों में आज भी,वही दुआ पुरानी है ।।
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