Friday, October 31, 2014

भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि पर

छलक उठे नयन, भीग गया मन ,
याद आयी फिर हमको, तेरी कुर्बानी |

बलिदानों की तेरी अमर कहानी,
भूल नहीं सकते हम हिन्दुस्तानी ||

वीर जवाहर का तू गौरव
बापू की थी आँखों का तारा |

इंदु से जब बनी तू इंदिरा
छा गया जग में देश हमारा |

देके लहू तुमने ही सिखाया,
देश में मरना ही जिंदगानी ||

रंग बिरंगे फूलों का ये,
अपना वतन है एक गुलिस्ताँ |

पहले हम हैं भारतवासी
चाहे हिन्दू हों या मुसलमां ||

सच करना है तेरे सपने

अब हमने ये मन में ठानी ||

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