Tuesday, November 4, 2014

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम के अंडमान आगमन पर

आज हमारे द्वीप पधारे
कलश मधु सा छलका ये मन |
प्यासे नैनों के दो मोती
करते स्वागत-अभिनन्दन ||

धरती, सूरज, चाँद, सितारे
आस लिए सब राह निहारे |
बिखरी खुशबू, महका उपवन
गीत खुशी के गाये नंदन ||

तेरे सुर पर झूमा ये जग
गीत जो गूंजे साज़ लिए |
बरस पड़े तुम मन-आँगन में
रंगों की बरसात लिए ||

हे नायक, तुम राज दुलारे
तेरी गाथा गायें जन-जन ||

राहों से फिर चुनकर कांटे
बढ़ते जाएँ बन कर मीत |
बिखरे तिनके, फिर जोड़ेंगे
हारे मन की होगी जीत ||

आओ फिर से सपने सजाएं,
आशा का थामें दामन ||

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