पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे
अब्दुल कलाम के अंडमान आगमन पर
आज हमारे द्वीप पधारे
कलश मधु सा छलका ये मन |
प्यासे नैनों के दो मोती
करते स्वागत-अभिनन्दन ||
धरती, सूरज, चाँद, सितारे
आस लिए सब राह निहारे |
बिखरी खुशबू, महका उपवन
गीत खुशी के गाये नंदन ||
तेरे सुर पर झूमा ये जग
गीत जो गूंजे साज़ लिए |
बरस पड़े तुम मन-आँगन में
रंगों की बरसात लिए ||
हे नायक, तुम राज दुलारे
तेरी गाथा गायें जन-जन ||
राहों से फिर चुनकर कांटे
बढ़ते जाएँ बन कर मीत |
बिखरे तिनके, फिर जोड़ेंगे
हारे मन की होगी जीत ||
आओ फिर से सपने सजाएं,
आशा का थामें दामन ||
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